Thursday, 15 November 2012

तबियत बिगड़ी बिगड़ा त्यौहार



तबियत बिगड़ी हुवा परेशान
क्या त्यौहार क्या व्याव्वाहर ,
सब ख़राब सब ख़राब ,,,,,,,,
बिगड़ा त्यौहार बिगड़ा व्यवहार ,
मै  परेशान सब परेशान सबका बिगड़ा त्यौहार ,
हे दुवा किसीका ना बिगड़े त्यौहार ना बिगड़े किसी का व्यवहार ,
जैसी बिगड़ी मेरी तबियत जैसे बिगड़ा मेरा त्यौहार !
******श्याम  सिंह रावत ******

Sunday, 11 November 2012

खफा हें हमसे वो

कभी हम उनेह मनआए,
कभी वो हमें मनआए,
कभी हम कफा होय ,
कभी वो कफा होय ,
रात युहीं निकल गयी
एक दूजे को मनानें में ,
कुछ आसूं उनके निकले ,
कुछ हमारे निकले
काश ये रात रोज आए ,
हमारी जिंदगी में इसी बहाने
वो हमारे करीब आएँ ,
और हम उनके ...
कभी वो हमें मनआए ,
कभी हम उनेह मनआए,
                          श्याम सिंह

कामना

हर घर में दिया जले , हर घर में रोशनी हो ! हर बच्चे के हात में पुस्तक हो , हर माँ का सपना पूरा हो ! ना सोये कोई भूका , ना उठाये कोई तगारी भूके ! बस यही हे कामना माँ लक्ष्मी से, सभी की इचछा पूरी हो !! ***************श्याम सिंह रावत *************************