कभी हम उनेह मनआए,
कभी वो हमें मनआए,
कभी हम कफा होय ,
कभी वो कफा होय ,
रात युहीं निकल गयी
एक दूजे को मनानें में ,
कुछ आसूं उनके निकले ,
कुछ हमारे निकले
काश ये रात रोज आए ,
हमारी जिंदगी में इसी बहाने
वो हमारे करीब आएँ ,
और हम उनके ...
कभी वो हमें मनआए ,
कभी हम उनेह मनआए,
श्याम सिंह
कभी वो हमें मनआए,
कभी हम कफा होय ,
कभी वो कफा होय ,
रात युहीं निकल गयी
एक दूजे को मनानें में ,
कुछ आसूं उनके निकले ,
कुछ हमारे निकले
काश ये रात रोज आए ,
हमारी जिंदगी में इसी बहाने
वो हमारे करीब आएँ ,
और हम उनके ...
कभी वो हमें मनआए ,
कभी हम उनेह मनआए,
श्याम सिंह
No comments:
Post a Comment